भाई दूज या यम द्वितीया दिवाली के दो दिन बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व भाई बहन के अदभुत स्नेह का प्रतीक है | यह पांच दिवसीय दीपोत्सव का समापन दिवस भी है दीपावली महापर्व के अंतिम दिन
का पर्व है ‘भाईदूज’, दीवाली का त्योहार भाईदूज के बिना अधूरा है।
इस दिन
प्रातःकाल चंद्र-दर्शन की परंपरा है
और जिसके लिए भी संभव होता है वो यमुना नदी के जल में स्नान करते हैं।
