प्रदोष काल अर्थात सूर्यास्त के पश्चात् का काल जो भगवान शिव की साधना के लिये सर्वोत्तम माना गया है|
प्रदोष काल निर्धारित करने की कई मान्यताये प्रचलन में है
१) एक मान्यता के अनुसार प्रदोष काल सूर्यास्त के समय से आगे चार घटी अर्थात 96 मिनिट का होता है
२) दुसरी मान्यता के अनुसार सूर्यास्त के समय से अगले सूर्योदय तक के काल (रात्रि मान) को पांच भागों में विभाजित करे तो रात्रि मान का पहला भाग प्रदोष काल माना जायेगा सामान्यत: यह समय सूर्यास्त के समय से 144 मिनिट तक रहेगा ..
एक अन्य मान्यतानुसार सूर्यास्त से 90 मिनट पहले और सूर्यास्त के 90 मिनट बाद तक का समय प्रदोष काल कहलाता है